Kejriwal Exposed Old Order Same Like This One Part 2
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Shamshan Ghat (Photo Credit : EtvBharat) |
➨ केस १ : केजरीवाल सरकार द्वारा पहले भी ऐसा कर चुकी
दिनांक 01 Oct 2018, एक दिल्ली सरकार के एक अस्पताल ने भी ऐसा ऑर्डर निकला था जो केजरीवाल सरकार को पता था ! उस ऑर्डर को दिल्ली के गुरु तेज बहादुर अस्पताल के मेडिकल अधिकारी ने जारी किया था और कहा था की
“जो मरीज दिल्ली का वैध वोटर आईडी कार्ड नहीं रखता है, उन्हें गैर दिल्ली के मरीज के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और इस तरह सरकारी अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दिलशाद गार्डन, दिल्ली में इलाज की सुविधा ने वंचित कर दिया जाता है !”इसका सीधा मतलब ये है की दिल्ली के बाहर के लोगो को फ्री और अन्य सुविधा नहीं दी जाएँगी !
इस एक तरफ़ा ऑर्डर को ‘दिल्ली हाई कोर्ट’ में एक ‘सोसल जूरिस्ट’ ( आम नागरिक अधिकार का संगठन ) ने चुनौती दी और कहा की “भारत के संविधान के आर्टिकल 21 का उलंघन है जिसमे देश के आम आदमी को कहीं भी चिकित्सा का अधिकार देता है !”
एक केस की सुनवाई खुद दिल्ली हाई कोर्ट के चीएफ़ जस्टिस ‘राजेंद्र मेनन’ सुन रहे थे ! इसमे दिल्ली सरकार के वकील ‘राहुल मेहता’ भी सामिल थे जिन्हों ने बताया की ये प्रायोगिक परियोजना के तहत लागु किया गया था ! इसमे ‘सोसल जूरिस्ट’ की तरफ से सुप्रीम कोर्ट से लेकर वेस्ट बंगाल का भी केस का कागज लगाये गए जो पहले के निर्णय कोर्ट द्वारा लिए गए थे ! इसमे एक केस जो कोर्ट के सामने रखा गया जिसमे बताया गया की दिल्ली भारत की राजधानी है!
दिनांक 12 Oct 2018, दिल्ली हाई कोर्ट के चीएफ़ जस्टिस ने इस ऑर्डर को रद्द करते हुए सरकार को पहले की व्यवस्था को लागु करने का ऑर्डर दिया !
सबूत : दिल्ली हाई कोर्ट याचिका नंबर W.P.(C) 10585/2018
➨ केस २ : दिल्ली में शमसान बढाया जा रहा क्यों
दिनांक 07 Jun 2020, को इटीवी न्यूज चैनल ने बताया की
“दिल्ली सरकार ने कोरोना की महामारी के चलते उसकी तैयारी करने के लिए तीन नए शमशान घाट तैयार कर रही है ! ये समशान घाट दिल्ली के ‘ग्रीन पार्क’, ‘सराए काले खा’ और ‘सुभाष नगर’ में बनाये जा रहे है ! ये तीनो इलेक्ट्रिक शमशान घाट बनाये जा रहे है !”
सबूत इटीवी का विडियो
➨ केस ३ : दिल्ली में मारने वालो की संख्या में भी गडबड
दिल्ली में मारने वालो के अकड़े में भी कुछ गडबड होने की बू आती है ! क्युकी दिल्ली के समशान घाट में सैकड़ो लोगो की लाशे शव गृह में रखी है ! एक शमशान घाट पर 228 लाशे रखने वाले लाकर भरे हुए है ! और कोरोना से मारने वालो की संख्या 900 बताई जा रही ! जबकि ये वहां की हालत है
➨ सवाल का घेरा
१- केजरीवाल को पता था इसके ये ऑर्डर पहले से संविधान का आम अधिकार को Oct 2018 में पास नहीं कर पाया तो दोबारा (Jun 2020) में दो साल बाद राजनीती के तहर लाया गया ??
२- दो तीन महीनो में दिल्ली में सिर्फ 900 लोग करीब की म्रत्यु हुई लेकिन सवग्रहों में ना तो जगह है ना शमशान घाट में तो ये मारने वालो की संख्या डेली के हिसाब से बहुत ज्यादा है इसमे कुछ तो झोल है ??
३- अगर दिल्ली सरकार के बताये अकड़े सही माने जाये तो समशान घाट और समशान घाट पर बने सवग्रहों में जगह क्यों नहीं ??
४- केजरीवाल सरकार कहता घूम रहा हम फ्री फ्री में इलाज कर रहे कब से चलो मान लेते है 2014 से ! अरे भाई उत्तरप्रदेश की जितनी सरकारे रही है सबने किसी भी उत्तरप्रदेश में रहने वाला या बाहर से आया हो को 2रु के पर्चे में फ्री सुविधा देती आ रही बीसियों सालो से ! विश्वास नहीं तो उत्तरप्रदेश की जनता से पूछिए और वहां की सरकारे कभी कुछ नहीं पूछती कहाँ से आये हो, उत्तरप्रदेश के हो की नहीं ??
५- अभी कुछ दिन पहले ही टीवी पर चिल्ला रहे थे हम लाखो लोगो का इलाज कर लेंगे ! हम तैयार है ३०००० में दिल्ली की ये हालत बना दी ??
६- पांच साल से ज्यादा की सरकार हो चुकी अभ्भी अगर यही कहते घूमना है हमारे पास सुविधा नहीं, हमारे पास पैसे नहीं है, हमारे पास बेड्स नहीं है ! तो पांच साल किया क्या टीवी पर झुनझुना हिलाया सिर्फ सिर्फ राजनीती करिये ??
७- अगर आप दिल्ली को नहीं चला पा रहे तो इस्तीफा दे बीजेपी कह रही हम संभल लेंगे ?? नहीं तो अन्य राज्य होंगे अगल बगल उनसे मदद मांगिये लेकिन इसमे तो दो पहलु है पहला अभी तो सबको टीवी और ट्विट्टर पर उल्टा सीधा बकते थे तो कैसे मांगे मदद और दूसरा अगर टीवी पर चिल्ला चिल्ला कर बोला मैंने ये कर दिया वो कर दिया लेकिन जब सच्चाई परखने का समय आया तो शर्म के मरे अन्य राज्य से मदद कैसे मांगे ??
८- सिसोदिया और केजरीवाल कह रहा की दिल्ली में इंटरनेशनल उड़ाने आती है इसलिए ऐसा होना लाजमी था ! अरे भाई कोलकाता, लखनऊ, हैदराबाद, चंडीगढ़, पोर्ट बलिर, विशाखापट्टनम में विदेशी उड़ने नहीं आती है क्या ??