India’s first dolphin observatory coming up in Bihar
👉🏻 देश का पहला डोल्फिन बेघशाल बिहार में
दिनांक 28 May 2020, बिहार सरकार भागलपुर जिले में डोल्फिन के लिए भारत की पहली वेधशाला स्थापित कर रही है ! ये निर्माण विक्रमशिला गंगात्मक डोल्फिन अभयारण्य (VGDS) में किया जा रहा है जिसको २०२१ के शुरुवाती महीनो में पूरा कर लिया जायेगा ! वेधशाला का संरचनात्मक डिजाइन ऐसा है कि यह पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा देगा। यह लोगों को जगह पर जाने और उन्हें परेशान किए बिना अभयारण्य में डॉल्फ़िन देखने के लिए एक प्रोत्साहन देगा।
विक्रमशिला जैव विविधता अनुसंधान और शिक्षा केंद्र के निर्देशक सुनील चौधरी ने बताया की
“बिहार सरकार ने इसकी घोषणा तीन साल पहले की थी ! कुछ देरी होने के बावजूत अगले साल तक पूरा कर लिया जायेगा ! यह पर्यावरण पर्यटन को बढावा देगा ! यह लोगों को उस जगह का दौरा करने और अभयारण्य में डॉल्फिन को देखे बिना उन्हें परेशान करने के लिए एक प्रोत्साहन देगा। नदी की पारिस्थितिकी पर कोई बुरा या प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि वेधशाला का निर्माण गंगा पर एक पुल पर किया जा रहा है !”
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Representation Image Dolphin Observatory (Photo Credit : Aqua) |
👉🏻 डोल्फिन बेघशाला क्या, क्यों और कहाँ
डोल्फिन बेघशाल का मतलब जहाँ से आप डोल्फिन को देख सकते लेकिन बिना नुकशान पहुचाये ! इसको माँ गंगा के ऊपर सुल्तानगंज – अगुवानी घाट के पुल पर वेधशाला बनाया जा रहा है ! यह माँ गंगा नदी के बीच में होगा जिसमे पुल की चौड़ाई १०० फीट होगी ! सरकार ने माँ गंगा नदी में चार विशेष स्तंभों का निर्माण पूरा कर लिया है ! पुल पर चलकर वेधशाला की पारदर्शी इमारत होगी जिसमे चारो तरफ शीशे होंगे ! यहाँ एक खाने पीने का एरिया होगा साथ में ७० गाडियों को खड़ा करने की जगह होगी ! इसमे कमसे कम १५०-१७० डोल्फिन रहेंगी इनकी यहाँ देखभाल होगी और साथ लोगो के घूमने के लिए भी जगह होगी ! इससे आस पास के लोगो को काम धन्दा भी मिलेगा जैसे खाने पीने की दुकान, ट्रेवल्स का काम और भी !
भारत ने २००९ में डोल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जानवर का दर्जा दिया था !